Lumina
SongofSolomon

Seeking the Beloved

SongofSolomon 3·Hindi Bible

1हमारे घर के बरगे देवदार हैं और हमारी छत की कडिय़ां सनौवर हैं॥

2मैं शारोन देश का गुलाब और तराइयों में का सोसन फूल हूं॥

3जैसे सोसन फूल कटीले पेड़ों के बीच वैसे ही मेरी प्रिय युवतियों के बीच में है॥

4जैसे सेब के वृक्ष जंगल के वृक्षों के बीच में, वैसे ही मेरा प्रेमी जवानों के बीच में है। मैं उसकी छाया में हषिर्त हो कर बैठ गई, और उसका फल मुझे खाने मे मीठा लगा।

5वह मुझे भोज के घर में ले आया, और उसका जो झन्डा मेरे ऊपर फहराता था वह प्रेम था।

SongofSolomon 3 illustration - SongofSolomon Chapter 3

6मुझे सूखी दाखों से संभालो, सेब खिलाकर बल दो: क्योंकि मैं प्रेम में रोगी हूँ।

7काश, उसका बायां हाथ मेरे सिर के नीचे होता, और अपने दाहिने हाथ से वह मेरा आलिंगन करता!

8हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम से चिकारियों और मैदान की हरिणियों की शपथ धराकर कहती हूं, कि जब तक प्रेम आप से न उठे, तब तक उसको न उकसाओ न जगाओ॥

9मेरे प्रेमी का शब्द सुन पड़ता है! देखो, वह पहाड़ों पर कूदता अर पहाड़ियों को फान्दता हुआ आता है।

10मेरा प्रेमी चिकारे वा जवान हरिण के समान है। देखो, वह हमारी भीत के पीछे खड़ा है, और खिड़कियों की ओर ताक रहा है, और झंझरी में से देख रहा है।

SongofSolomon 3 illustration - SongofSolomon Chapter 3

11मेरा प्रेमी मुझ से कह रहा है, हे मेरी प्रिय, हे मेरी सुन्दरी, उठ कर चली आ;

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