Lumina
Psalms

How Amiable Are Thy Tabernacles

Psalms 84·Hindi Bible

1हे परमेश्वर मौन न रह; हे ईश्वर चुप न रह, और न शांत रह!

2क्योंकि देख तेरे शत्रु धूम मचा रहे हैं; और तेरे बैरियों ने सिर उठाया है।

3वे चतुराई से तेरी प्रजा की हानि की सम्मति करते, और तेरे रक्षित लोगों के विरुद्ध युक्तियां निकालते हैं।

4उन्होंने कहा, आओ, हम उन को ऐसा नाश करें कि राज्य भी मिट जाए; और इस्त्राएल का नाम आगे को स्मरण न रहे।

5उन्होंने एक मन हो कर युक्ति निकाली है, और तेरे ही विरुद्ध वाचा बान्धी है।

Psalms 84 illustration - Psalms Chapter 84

6ये तो एदोम के तम्बू वाले और इश्माइली, मोआबी और हुग्री,

7गबाली, अम्मोनी, अमालेकी, और सोर समेत पलिश्ती हैं।

8इनके संग अश्शूरी भी मिल गए हैं; उन से भी लूतवंशियों को सहारा मिला है।

9इन से ऐसा कर जैसा मिद्यानियों से, और कीशोन नाले में सीसरा और याबीन से किया था, जो एन्दोर में नाश हुए,

10और भूमि के लिये खाद बन गए।

Psalms 84 illustration - Psalms Chapter 84

11इनके रईसों को ओरेब और जाएब सरीखे, और इनके सब प्रधानों को जेबह और सल्मुन्ना के समान कर दे,

12जिन्होंने कहा था, कि हम परमेश्वर की चराइयों के अधिकारी आप ही हो जाएं॥

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