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Psalms

Contend, O LORD

Psalms 35·Hindi Bible

1जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया।

2इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया॥

3यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उन को बचाता है।

4परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है।

5हे यहोवा के पवित्र लोगो, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती!

Psalms 35 illustration - Psalms Chapter 35

6जवान सिंहों तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी॥

7हे लड़कों, आओ, मेरी सुनो, मैं तुम को यहोवा का भय मानना सिखाऊंगा।

8वह कौन मनुष्य है जो जीवन की इच्छा रखता, और दीर्घायु चाहता है ताकि भलाई देखे?

9अपनी जीभ को बुराई से रोक रख, और अपने मुंह की चौकसी कर कि उससे छल की बात न निकले।

10बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर॥

Psalms 35 illustration - Psalms Chapter 35

11यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।

12यहोवा बुराई करने वालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले।

13धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उन को सब विपत्तियों से छुड़ाता है।

14यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है॥

15धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्तु यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है।

Psalms 35 illustration - Psalms Chapter 35

16वह उसकी हड्डी हड्डी की रक्षा करता है; और उन में से एक भी टूटने नहीं पाती।

17दुष्ट अपनी बुराई के द्वारा मारा जाएगा; और धर्मी के बैरी दोषी ठहरेंगे।

18यहोवा अपने दासों का प्राण मोल लेकर बचा लेता है; और जितने उसके शरणागत हैं उन में से कोई भी दोषी न ठहरेगा॥

19हे यहोवा जो मेरे साथ मुकद्दमा लड़ते हैं, उनके साथ तू भी मुकद्दमा लड़; जो मुझ से युद्ध करते हैं, उन से तू युद्ध कर।

20ढाल और भाला लेकर मेरी सहायता करने को खड़ा हो।

Psalms 35 illustration - Psalms Chapter 35

21बर्छी को खींच और मेरा पीछा करने वालों के साम्हने आकर उन को रोक; और मुझ से कह, कि मैं तेरा उद्धार हूं॥

22जो मेरे प्राण के ग्राहक हैं वे लज्जित और निरादर हों! जो मेरी हानि की कल्पना करते हैं, वह पीछे हटाए जाएं और उनका मुंह काला हो!

23वे वायु से उड़ जाने वाली भूसी के समान हों, और यहोवा का दूत उन्हें हांकता जाए!

24उनका मार्ग अन्धियारा और फिसलन भरा हो, और यहोवा का दूत उन को खदेड़ता जाए॥

25क्योंकि अकारण उन्होंने मेरे लिये अपना जाल गड़हे में बिछाया; अकारण ही उन्होंने मेरा प्राण लेने के लिये गड़हा खोदा है।

Psalms 35 illustration - Psalms Chapter 35

26अचानक उन पर विपत्ति आ पड़े! और जो जाल उन्होंने बिछाया है उसी में वे आप ही फंसे; और उसी विपत्ति में वे आप ही पड़ें!

27परन्तु मैं यहोवा के कारण अपने मन में मगन होऊंगा, मैं उसके किए हुए उद्धार से हर्षित होऊंगा।

28मेरी हड्डी हड्डी कहेगी, हे यहोवा तेरे तुल्य कौन है, जो दीन को बड़े बड़े बलवन्तों से बचाता है, और लुटेरों से दीन दरिद्र लोगों की रक्षा करता है?

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