1हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की अभिलाषा करता हूं, मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूं।
2मुझे जिला, और मैं तेरी स्तुति करूंगा, तेरे नियमों से मेरी सहायता हो।
3मैं खोई हुई भेड़ की नाईं भटका हूं; तू अपने दास को ढूंढ़ ले, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं को भूल नहीं गया॥
4संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उसने मेरी सुन ली।
5हे यहोवा, झूठ बोलने वाले मुंह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर॥

6हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
7वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
8हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!
9बहुत काल से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
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