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Psalms

I Love the LORD

Psalms 116·Hindi Bible

1हे यहोवा, हमारी नहीं, हमारी नहीं, वरन अपने ही नाम की महिमा, अपनी करूणा और सच्चाई के निमित्त कर।

2जाति जाति के लोग क्यों कहने पांए, कि उनका परमेश्वर कहां रहा?

3हमारा परमेश्वर तो स्वर्ग में हैं; उसने जो चाहा वही किया है।

4उन लोगों की मूरतें सोने चान्दी ही की तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ की बनाईं हुई हैं।

5उनका मुंह तो रहता है परन्तु वे बोल नहीं सकती; उनके आंखें तो रहती हैं परन्तु वे देख नहीं सकतीं।

Psalms 116 illustration - Psalms Chapter 116

6उनके कान तो रहते हैं, परन्तु वे सुन नहीं सकतीं; उनके नाक तो रहती हैं, परन्तु वे सूंघ नहीं सकतीं।

7उनके हाथ तो रहते हैं, परन्तु वे स्पर्श नहीं कर सकतीं; उनके पांव तो रहते हैं, परन्तु वे चल नहीं सकतीं; और अपने कण्ठ से कुछ भी शब्द नहीं निकाल सकतीं।

8जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनाने वाले हैं; और उन पर भरोसा रखने वाले भी वैसे ही हो जाएंगे॥

9हे इस्राएल यहोवा पर भरोसा रख! तेरा सहायक और ढाल वही है।

10हे हारून के घराने यहोवा पर भरोसा रख! तेरा सहायक और ढाल वही है।

Psalms 116 illustration - Psalms Chapter 116

11हे यहोवा के डरवैयो, यहोवा पर भरोसा रखो! तुम्हारा सहायक और ढाल वही है॥

12यहोवा ने हम को स्मरण किया है; वह आशीष देगा; वह इस्राएल के घराने को आशीष देगा; वह हारून के घराने को आशीष देगा।

13क्या छोटे क्या बड़े जितने यहोवा के डरवैये हैं, वह उन्हें आशीष देगा॥

14यहोवा तुम को और तुम्हारे लड़कों को भी अधिक बढ़ाता जाए!

15यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, उसकी ओर से तुम अशीष पाए हो॥

Psalms 116 illustration - Psalms Chapter 116

16स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उसने मनुष्यों को दी है।

17मृतक जितने चुपचाप पड़े हैं, वे तो याह की स्तुति नहीं कर सकते,

18परन्तु हम लोग याह को अब से ले कर सर्वदा तक धन्य कहते रहेंगे। याह की स्तुति करो!

19मैं प्रेम रखता हूं, इसलिये कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है।

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