Lumina
Luke

Luke 21

Luke 21·Hindi Bible

1सो सात भाई थे, पहिला भाई ब्याह करके बिना सन्तान मर गया।

2फिर दूसरे और तीसरे ने भी उस स्त्री को ब्याह लिया।

3इसी रीति से सातों बिना सन्तान मर गए।

4सब के पीछे वह स्त्री भी मर गई।

5सो जी उठने पर वह उन में से किस की पत्नी होगी, क्योंकि वह सातों की पत्नी हो चुकी थी।

Luke 21 illustration - Luke Chapter 21

6यीशु ने उन से कहा; कि इस युग के सन्तानों में तो ब्याह शादी होती है।

7पर जो लोग इस योग्य ठहरेंगे, कि उस युग को और मरे हुओं में से जी उठना प्राप्त करें, उन में ब्याह शादी न होगी।

8वे फिर मरने के भी नहीं; क्योंकि वे स्वर्गदूतों के समान होंगे, और जी उठने के सन्तान होने से परमेश्वर के भी सन्तान होंगे।

9परन्तु इस बात को कि मरे हुए जी उठते हैं, मूसा न भी झाड़ी की कथा में प्रगट की है, कि वह प्रभु को इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर कहता है।

10परमेश्वर तो मुरदों का नहीं परन्तु जीवतों का परमेश्वर है: क्योंकि उसके निकट सब जीवित हैं।

Luke 21 illustration - Luke Chapter 21

11तब यह सुनकर शास्त्रियों में से कितनों ने कहा, कि हे गुरू, तू ने अच्छा कहा।

12और उन्हें फिर उस से कुछ और पूछने का हियाव न हुआ॥

13फिर उस ने उन से पूछा, मसीह को दाऊद का सन्तान क्योंकर कहते हैं।

14दाऊद आप भजनसंहिता की पुस्तक में कहता है, कि प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा।

15मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पांवों के तले न कर दूं।

Luke 21 illustration - Luke Chapter 21

16दाऊद तो उसे प्रभु कहता है; तो फिर वह उस की सन्तान क्योंकर ठहरा?

17जब सब लोग सुन रहे थे, तो उस ने अपने चेलों से कहा।

18शास्त्रियों से चौकस रहो, जिन को लम्बे लम्बे वस्त्र पहिने हुए फिरना भला है, और जिन्हें बाजारों में नमस्कार, और सभाओं में मुख्य आसन और जेवनारों में मुख्य स्थान प्रिय लगते हैं।

19वे विधवाओं के घर खा जाते हैं, और दिखाने के लिये बड़ी देर तक प्रार्थना करते रहते हैं: ये बहुत ही दण्ड पाएंगे॥

20फिर उस ने आंख उठाकर धनवानों को अपना अपना दान भण्डार में डालते देखा।

Luke 21 illustration - Luke Chapter 21

21और उस ने एक कंगाल विधवा को भी उस में दो दमडिय़ां डालते देखा।

22तब उस ने कहा; मैं तुम से सच कहता हूं कि इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है।

23क्योंकि उन सब ने अपनी अपनी बढ़ती में से दान में कुछ डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से अपनी सारी जीविका डाल दी है॥

24जब कितने लोग मन्दिर के विषय में कह रहे थे, कि वह कैसे सुन्दर पत्थरों और भेंट की वस्तुओं से संवारा गया है तो उस ने कहा।

25वे दिन आएंगे, जिन में यह सब जो तुम देखते हो, उन में से यहां किसी पत्थर पर पत्थर भी न छूटेगा, जो ढाया न जाएगा।

Luke 21 illustration - Luke Chapter 21

26उन्होंने उस से पूछा, हे गुरू, यह सब कब होगा और ये बातें जब पूरी होने पर होंगी, तो उस समय का क्या चिन्ह होगा?

27उस ने कहा; चौकस रहो, कि भरमाए न जाओ, क्योंकि बहुतेरे मेरे नाम से आकर कहेंगे, कि मैं वही हूं; और यह भी कि समय निकट आ पहुंचा है: तुम उन के पीछे न चले जाना।

28और जब तुम लड़ाइयों और बलवों की चर्चा सुनो, तो घबरा न जाना; क्योंकि इन का पहिले होना अवश्य है; परन्तु उस समय तुरन्त अन्त न होगा।

29तब उस ने उन से कहा, कि जाति पर जाति और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा।

30और बड़ें बड़ें भूईडोल होंगे, और जगह जगह अकाल और मरियां पड़ेंगी, और आकाश में भयंकर बातें और बड़े बड़े चिन्ह प्रगट होंगे।

Luke 21 illustration - Luke Chapter 21

31परन्तु इन सब बातों से पहिले वे मेरे नाम के कारण तुम्हें पकड़ेंगे, और सताएंगे, और पंचायतों में सौपेंगे, और बन्दीगृह मे डलवाएंगे, और राजाओं और हाकिमों के साम्हने ले जाएंगे।

32पर यह तुम्हारे लिये गवाही देने का अवसर हो जाएगा।

33इसलिये अपने अपने मन में ठान रखो कि हम पहिले से उत्तर देने की चिन्ता न करेंगे।

34क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूंगा, कि तुम्हारे सब विरोधी साम्हना या खण्डन न कर सकेंगे।

35और तुम्हारे माता पिता और भाई और कुटुम्ब, और मित्र भी तुम्हें पकड़वाएंगे; यहां तक कि तुम में से कितनों को मरवा डालेंगे।

Luke 21 illustration - Luke Chapter 21

36और मेरे नाम के कारण सब लोग तुम से बैर करेंगे।

37परन्तु तुम्हारे सिर का एक बाल भी बांका न होगा।

38अपने धीरज से तुम अपने प्राणों को बचाए रखोगे॥

Chapter Complete

You have read Luke 21

38 verses