Lumina
Job

Job's Restoration

Job 42·Hindi Bible

1वे आपस में मिले हुए और ऐसे सटे हुए हैं, कि अलग अलग नहीं हो सकते।

2फिर उसके छींकने से उजियाला चमक उठता है, और उसकी आंखें भोर की पलकों के समान हैं।

3उसके मुंह से जलते हुए पलीते निकलते हैं, और आग की चिनगारियां छूटती हैं।

4उसके नथुनों से ऐसा धुआं निकलता है, जैसा खौलती हुई हांड़ी और जलते हुए नरकटों से।

5उसकी सांस से कोयले सुलगते, और उसके मुंह से आग की लौ निकलती है।

Job 42 illustration - Job Chapter 42

6उसकी गर्दन में सामर्थ्य बनी रहती है, और उसके साम्हने डर नाचता रहता है।

7उसके मांस पर मांस चढ़ा हुआ है, और ऐसा आपस में सटा हुआ है जो हिल नहीं सकता।

8उसका हृदय पत्थर सा दृढ़ है, वरन चक्की के निचले पाट के समान दृढ़ है।

9जब वह उठने लगता है, तब सामथीं भी डर जाते हैं, और डर के मारे उनकी सुध बुध लोप हो जाती है।

10यदि कोई उस पर तलवार चलाए, तो उस से कुछ न बन पड़ेगा; और न भाले और न बर्छी और न तीर से।

Job 42 illustration - Job Chapter 42

11वह लोहे को पुआल सा, और पीतल को सड़ी लकड़ी सा जानता है।

12वह तीर से भगाया नहीं जाता, गोफन के पत्थर उसके लिये भूसे से ठहरते हैं।

13लाठियां भी भूसे के समान गिनी जाती हैं; वह बर्छी के चलने पर हंसता है।

14उसके निचले भाग पैने ठीकरे के समान हैं, कीच पर मानो वह हेंगा फेरता है।

15वह गहिरे जल को हंडे की नाईं मथता है: उसके कारण नील नदी मरहम की हांडी के समान होती है।

Job 42 illustration - Job Chapter 42

16वह अपने पीछे चमकीली लीक छोड़ता जाता है। गहिरा जल मानो श्वेत दिखाई देने लगता है।

17धरती पर उसके तुल्य और कोई नहीं है, जो ऐसा निर्भय बनाया गया है।

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