Lumina
Job

Wonders of Creation

Job 39·Hindi Bible

1किस मार्ग से उजियाला फैलाया जाता है, ओर पुरवाई पृथ्वी पर बहाई जाती है?

2महावृष्टि के लिये किस ने नाला काटा, और कड़कने वाली बिजली के लिये मार्ग बनाया है,

3कि निर्जन देश में और जंगल में जहां कोई मनुष्य नहीं रहता मेंह बरसाकर,

4उजाड़ ही उजाड़ देश को सींचे, और हरी घास उगाए?

5क्या मेंह का कोई पिता है, और ओस की बूंदें किस ने उत्पन्न की?

Job 39 illustration - Job Chapter 39

6किस के गर्भ से बर्फ निकला है, और आकाश से गिरे हुए पाले को कौन उत्पन्न करता है?

7जल पत्थर के समान जम जाता है, और गहिरे पानी के ऊपर जमावट होती है।

8क्या तू कचपचिया का गुच्छा गूंथ सकता वा मृगशिरा के बन्धन खोल सकता है?

9क्या तू राशियों को ठीक ठीक समय पर उदय कर सकता, वा सप्तर्षि को साथियों समेत लिए चल सकता है?

10क्या तू आकाशमण्डल की विधियां जानता और पृथ्वी पर उनका अधिकार ठहरा सकता है?

Job 39 illustration - Job Chapter 39

11क्या तू बादलों तक अपनी वाणी पहुंचा सकता है ताकि बहुत जल बरस कर तुझे छिपा ले?

12क्या तू बिजली को आज्ञा दे सकता है, कि वह जाए, और तुझ से कहे, मैं उपस्थित हूँ?

13किस ने अन्त:करण में बुद्धि उपजाई, और मन में समझने की शक्ति किस ने दी है?

14कौन बुद्धि से बादलों को गिन सकता है? और कौन आकाश के कुप्पों को उण्डेल सकता है,

15जब धूलि जम जाती है, और ढेले एक दूसरे से सट जाते हैं?

Job 39 illustration - Job Chapter 39

16क्या तू सिंहनी के लिये अहेर पकड़ सकता, और जवान सिंहों का पेट भर सकता है,

17जब वे मांद में बैठे हों और आड़ में घात लगाए दबक कर बैठे हों?

18फिर जब कौवे के बच्चे ईश्वर की दोहाई देते हुए निराहार उड़ते फिरते हैं, तब उन को आहार कौन देता है?

19क्या तू जानता है कि पहाड़ पर की जंगली बकरियां कब बच्चे देती हैं? वा जब हरिणियां बियाती हैं, तब क्या तू देखता रहता है?

20क्या तू उनके महीने गिन सकता है, क्या तू उनके बियाने का समय जानता है?

Job 39 illustration - Job Chapter 39

21जब वे बैठ कर अपने बच्चों को जनतीं, वे अपनी पीड़ों से छूट जाती हैं?

22उनके बच्चे हृष्टपुष्ट हो कर मैदान में बढ़ जाते हैं; वे निकल जाते और फिर नहीं लौटते।

23किस ने बनैले गदहे को स्वाधीन कर के छोड़ दिया है? किस ने उसके बन्धन खोले हैं?

24उसका घर मैं ने निर्जल देश को, और उसका निवास लोनिया भूमि को ठहराया है।

25वह नगर के कोलाहल पर हंसता, और हांकने वाले की हांक सुनता भी नहीं।

Job 39 illustration - Job Chapter 39

26पहाड़ों पर जो कुछ मिलता है उसे वह चरता वह सब भांति की हरियाली ढूंढ़ता फिरता है।

27क्या जंगली सांढ़ तेरा काम करने को प्रसन्न होगा? क्या वह तेरी चरनी के पास रहेगा?

28क्या तू जंगली सांढ़ को रस्से से बान्धकर रेघारियों में चला सकता है? क्या वह नालों में तेरे पीछे पीछे हेंगा फेरेगा?

29क्या तू उसके बड़े बल के कारण उस पर भरोसा करेगा? वा जो परिश्रम का काम तेरा हो, क्या तू उसे उस पर छोड़ेगा?

30क्या तू उसका विश्वास करेगा, कि वह तेरा अनाज घर ले आए, और तेरे खलिहान का अन्न इकट्ठा करे?

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