Lumina
Jeremiah

Judgment Threatened

Jeremiah 4·Hindi Bible

1फिर मैं ने देखा, जब मैं ने भटकने वाली इस्राएल को उसके व्यभिचार करने के कारण त्यागकर उसे त्यागपत्र दे दिया; तौभी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा न डरी, वरन जा कर वह भी व्यभिचारिणी बन गई।

2उसके निर्लज्ज-व्यभिचारिणी होने के कारण देश भी अशुद्ध हो गया, उसने पत्थर और काठ के साथ भी व्यभिचार किया।

3इतने पर भी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा पूर्ण मन से मेरी ओर नहीं फिरी, परन्तु कपट से, यहोवा की यही वाणी है।

4और यहोवा ने मुझ से कहा, भटकने वाली इस्राएल, विश्वासघातिन यहूदा से कम दोषी निकली है।

5तू जा कर उत्तर दिशा में ये बातें प्रचार कर, यहोवा की यह वाणी है, हे भटकने वाली इस्राएल लौट आ, मैं तुझ पर क्रोध की दृष्टि न करूंगा; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, मैं करुणामय हूँ; मैं सर्वदा क्रोध न रखे रहूंगा।

Jeremiah 4 illustration - Jeremiah Chapter 4

6केवल अपना यह अधर्म मान ले कि तू अपने परमेश्वर यहोवा से फिर गई और सब हरे पेड़ों के तले इधर उधर दूसरों के पास गई, और मेरी बातों को नहीं माना, यहोवा की यह वाणी है।

7हे भटकने वाले लड़को लौट आओ, क्योंकि मैं तुम्हरा स्वामी हूँ; यहोवा की यह वाणी है। तुम्हारे प्रत्येक नगर पीछे एक, और प्रत्येक कुल पीछे दो को लेकर मैं सिय्योन में पहुंचा दूंगा।

8और मैं तुम्हें अपने मन के अनुकूल चरवाहे दूंगा, जो ज्ञान और बुद्धि से तुम्हें चराएंगे।

9उन दिनों में जब तुम इस देश में बढ़ो, और फूलो-फलो, तब लोग फिर ऐसा न कहेंगे, “यहोवा की वाचा का सन्दूक”; यहोवा की यह भी वाणी हे। उसका विचार भी उनके मन में न आएगा, न लोग उसके न रहने से चिन्ता करेंगे; और न उसकी मरम्मत होगी।

10उस समय सरूशलेम यहोवा का सिंहासन कहलाएगा, और सब जातियां उसी यरूशलेम में मेरे नाम के निमित्त इकट्ठी हुआ करेंगी, और, वे फिर अपने बुरे मन के हठ पर न चलेंगी।

Jeremiah 4 illustration - Jeremiah Chapter 4

11उन दिनों में यहूदा का घराना इस्राएल के घराने के साथ चलेगा और वे दोनों मिल कर उत्तर के देश से इस देश में आएंगे जिसे मैं ने उनके पूर्वजों को निज भाग कर के दिया था।

12मैं ने सोचा था, मैं कैसे तुझे लड़कों में गिन कर वह मनभावना देश दूं जो सब जातियों के देशों का शिरोमणि है। और मैं ने सोचा कि तू मुझे पिता कहेगी, और मुझ से फिर न भटकेगी।

13इस में तो सन्देह नहीं कि जैसे विश्वासघाती स्त्री अपने प्रिय से मन फेर लेती है, वैसे ही हे इस्राएल के घराने, तू मुझ से फिर गया है, यहोवा की यही वाणी है।

14मुण्डे टीलों पर से इस्राएलियों के रोने और गिड़गिड़ाने का शब्द सुनाई दे रहा है, क्योंकि वे टेढ़ी चाल चलते रहे हैं और अपने परमेश्वर यहोवा को भूल गए हैं।

15हे भटकने वाले लड़को, लौट आओ, मैं तुम्हारा भटकना सुधार दूंगा। देख, हम तेरे पास आए हैं; क्योंकि तू ही हमारा परमेश्वर यहोवा है।

Jeremiah 4 illustration - Jeremiah Chapter 4

16निश्चय पहाड़ों और पहाडिय़ों पर का कोलाहल व्यर्थ ही है। इस्राएल का उद्धार निश्चय हमारे परमेश्वर यहोवा ही के द्वारा है।

17परन्तु हमारी जवानी ही से उस बदनामी की वस्तु ने हमारे पुरखाओं की कमाई अर्थात उनकी भेड़-बकरी और गाय-बैल और उनके बेटे-बेटियों को निगल लिया है।

18हम लज्जित हो कर लेट जाएं, और हमारा संकोच हमारी ओढ़नी बन जाए; क्योंकि हमारे पुरखा और हम भी युवा अवस्था से ले कर आज के दिन तक अपने परमेश्वर यहोवा के विरुद्ध पाप करते आए हैं; और हम ने अपने परमेश्वर यहोवा की बातों को नहीं माना है।

19यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल यदि तू लौट आए, तो मेरे पास लौट आ। यदि तू घिनौनी वस्तुओं को मेरे साम्हने से दूर करे, तो तुझे अवारा फिरना न पड़ेगा,

20और यदि तू सच्चाई और न्याय और धर्म से यहोवा के जीवन की शपथ खाए, तो अन्यजातियां उसके कारण अपने आप को धन्य कहेंगी, और उसी पर घमण्ड करेंगी।

Jeremiah 4 illustration - Jeremiah Chapter 4

21क्योंकि यहूदा और यरूशलेम के लोगों से यहोवा ने यों कहा है, अपनी पड़ती भूमि को जोतो, और कटीले झाड़ों में बीज मत बोओ।

22हे यहूदा के लोगो और यरूशलेम के निवासियों, यहोवा के लिये अपना खतना करो; हां, अपने मन का खतना करो; नहीं तो तुम्हारे बुरे कामों के कारण मेरा क्रोध आग की नाईं भड़केगा, और ऐसा होगा की कोई उसे बुझा न सकेगा।

23यहूदा में प्रचार करो और यरूशलेम में यह सुनाओ; पूरे देश में नरसिंगा फूंको; गला खोल कर ललकारो और कहो, आओ, हम इकट्ठे हों ओर गढ़ वाले नगरों में जाएं!

24सिय्योन के मार्ग में झण्डा खड़ा करो, अपना सामान बटोर के भागो, खड़े मत रहो, क्योंकि मैं उत्तर की दिशा से विपत्ति और सत्यानाश ले आया चाहता हूँ।

25एक सिंह अपनी झाड़ी से निकला, जाति जाति का नाश करने वाला चढ़ाई कर के आ रहा है; वह कूच कर के अपने स्थान से इसलिये निकला है कि तुम्हारे देश को उजाड़ दे और तुम्हारे नगरों को ऐसा सुनसान कर दे कि उन में कोई बसने वाला न रहने पाए।

Jeremiah 4 illustration - Jeremiah Chapter 4

26इसलिये कमर में टाट बान्धो, विलाप और हाय हाय करो; क्योंकि यहोवा का भड़का हुआ कोप हम पर से टला नहीं है।

27उस समय राजा और हाकिमों का कलेजा कांप उठेगा; याजक चकित होंगे और नबी अचम्भित हो जाएंगे, यहोवा की यह वाणी है।

28तब मैं ने कहा, हाय, प्रभु यहोवा, तू ने तो यह कह कर कि तुम को शान्ति मिलेगी निश्चय अपनी इस प्रजा को और यरूशलेम को भी बड़ा धोखा दिया है; क्योंकि तलवार प्राणों को मिटाने पर है।

29उस समय तेरी इस प्रजा से और यरूशलेम सें भी कहा जाएगा, जंगल के मुण्डे टीलों पर से प्रजा के लोगों की ओर लू बह रही है, वह ऐसी वायु नहीं जिस से ओसाना वा फरछाना हो,

30परन्तु मेरी ओर से ऐसे कामों के लिये अधिक प्रचण्ड वायु बहेगी। अब मैं उन को दण्ड की आज्ञा दूंगा।

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31देखो, वह बादलों की नाईं चढ़ाई कर के आ रहा है, उसके रथ बवण्डर के समान और उसके घोड़े उकाबों से भी अधिक वेग से चलते हैं। हम पर हाय, हम नाश हुए!

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