1यहोवा ने उस में भ्रमता उत्पन्न की है; उन्होंने मिस्र को उसके सारे कामों में वमन करते हुए मतवाले की नाईं डगमगा दिया है।
2और मिस्र के लिये कोई ऐसा काम न रहेगा जो सिर वा पूंछ से अथवा प्रधान वा साधारण से हो सके॥
3उस समय मिस्री, स्त्रियों के समान हो जाएंगे, और सेनाओं का यहोवा जो अपना हाथ उन पर बढ़ाएगा उसके डर के मारे वे थरथराएंगे और कांप उठेंगे।
4ओर यहूदा का देश मिस्र के लिये यहां तक भय का कारण होगा कि जो कोई उसकी चर्चा सुनेगा वह थरथरा उठेगा; सेनाओं के यहोवा की उस युक्ति का यही फल होगा जो वह मिस्र के विरुद्ध करता है॥
5उस समय मिस्र देश में पांच नगर होंगे जिनके लोग कनान की भाषा बोलेंगे और यहोवा की शपथ खायेंगे। उन में से एक का नाम नाशनगर रखा जाएगा॥

6उस समय मिस्र देश के बीच में यहोवा के लिये एक वेदी होगी, और उसके सिवाने के पास यहोवा के लिये एक खंभा खड़ा होगा।
7वह मिस्र देश में सेनाओं के यहोवा के लिये चिन्ह और साक्षी ठहरेगा; और जब वे अंधेर करने वाले के कारण यहोवा की दोहाई देंगे, तब वह उनके पास एक उद्धारकर्ता और रक्षक भेजेगा, और उन्हें मुक्त करेगा।
8तब यहोवा अपने आप को मिस्रियों पर प्रगट करेगा; और मिस्री उस समय यहोवा को पहिचानेंगे और मेलबलि और अन्नबलि चढ़ा कर उसकी उपासना करेंगे, और यहोवा के लिये मन्नत मान कर पूरी भी करेंगे।
9और यहोवा मिस्रियों को मारेगा, वह मारेगा और चंगा भी करेगा, और वे यहोवा की ओर फिरेंगे और वह उनकी बिनती सुनकर उन को चंगा करेगा॥
10उस समय मिस्र से अश्शूर जाने का एक राजमार्ग होगा, और अश्शूरी मिस्र में आएंगे और मिस्री लोग अश्शूर को जाएंगे, और मिस्री अश्शूरियों के संग मिलकर आराधना करेंगे॥

11उस समय इस्राएल, मिस्र और अश्शूर तीनों मिलकर पृथ्वी के लिये आशीष का कारण होंगे।
12क्योंकि सेनाओं का यहोवा उन तीनों को यह कह कर आशीष देगा, धन्य हो मेरी प्रजा मिस्र, और मेरा रचा हुआ अश्शूर, और मेरा निज भाग इस्राएल॥
13जिस वर्ष में अश्शूर के राजा सर्गोन की आज्ञा से तर्तान ने अशदोद आकर उस से युद्ध किया और उसको ले भी लिया,
14उसी वर्ष यहोवा ने आमोस के पुत्र यशायाह से कहा, जा कर अपनी कमर का टाट खोल और अपनी जूतियां उतार; सो उसने वैसा ही किया, और वह नंगा और नंगे पांव घूमता फिरता था।
15और यहोवा ने कहा, जिस प्रकार मेरा दास यशायाह तीन वर्ष से उघाड़ा और नंगे पांव चलता आया है, कि मिस्र और कूश के लिये चिन्ह और चमत्कार हो,

16उसी प्रकार अश्शूर का राजा मिस्री और कूश के लोगों को बंधुआ कर के देश-निकाल करेगा, क्या लड़के क्या बूढ़े, सभों को बंधुए कर के उघाड़े और नंगे पांव और नितम्ब खुले ले जाएगा, जिस से मिस्र लज्जित हो।
17तब वे कूश के कारण जिस पर उनकी आशा थी, और मिस्र के हेतु जिस पर वे फूलते थे व्याकुल और लज्जित हो जाएंगे।
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