1इसलिये मेरा मन मोआब के कारण और मेरा हृदय कीरहैरेस के कारण वीणा का सा क्रन्दन करता है॥
2और जब मोआब ऊंचे स्थान पर मुंह दिखाते दिखाते थक जाए, और प्रार्थना करने को अपने पवित्र स्थान में आए, तो उसे कुछ लाभ न होगा।
3यही वह बात है जो यहोवा ने इस से पहिले मोआब के विषय में कही थी।
4परन्तु अब यहोवा ने यों कहा है कि मजदूरों के वर्षों के समान तीन वर्ष के भीतर मोआब का वैभव और उसकी भीड़-भाड़ सब तुच्छ ठहरेगी; और थोड़े जो बचेंगे उनका कोई बल न होगा॥
5दमिश्क के विषय भारी भविष्यवाणी। देखो, दमिश्क नगर न रहेगा, वह खंडहर ही खंडहर हो जाएगा।

6अरोएर के नगर निर्जन हो जाएंगे, वे पशुओं के झुण्ड़ोंकी चराई बनेंगे; पशु उन में बैठेंगे और उनका कोई भगाने वाला न होगा।
7एप्रैम के गढ़ वाले नगर, और दमिश्क का राज्य और बचे हुए अरामी, तीनों भविष्य में न रहेंगे; और जो दशा इस्राएलियों के वैभव की हुई वही उनकी होगी; सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है॥
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