1मैं अपने क्रोध को भड़कने न दूंगा, और न मैं फिर एप्रैम को नाश करूंगा; क्योंकि मैं मनुष्य नहीं परमेश्वर हूं, मैं तेरे बीच में रहने वाला पवित्र हूं; मैं क्रोध कर के न आऊंगा॥
2वे यहोवा के पीछे पीछे चलेंगे; वह तो सिंह की नाईं गरजेगा; और तेरे लड़के पश्चिम दिशा से थरथराते हुए आएंगे।
3वे मिस्र से चिडिय़ों की नाईं और अश्शूर के देश से पण्डुकी की भांति थरथराते हुए आएंगे; और मैं उन को उन्हीं के घरों में बसा दूंगा, यहोवा की यही वाणी है॥
4एप्रैम ने मिथ्या से, और इस्राएल के घराने ने छल से मुझे घेर रखा है; और यहूदा अब तक पवित्र और विश्वासयोग्य परमेश्वर की ओर चंचल बना रहता है॥
5एप्रैम पानी पीटता और पुरवाई का पीछा करता रहता है; वह लगातार झूठ और उत्पात को बढ़ाता रहता है; वे अश्शूर के साथ वाचा बान्धते और मिस्र में तेल भेजते हैं।

6यहूदा के साथ भी यहोवा का मुकद्दमा है, और वह याकूब को उसके चालचलन के अनुसार दण्ड देगा; उसके कामों के अनुसार वह उसको बदला देगा।
7अपनी माता की कोख ही में उसने अपने भाई को अड़ंगा मारा, और बड़ा हो कर वह परमेश्वर के साथ लड़ा।
8वह दूत से लड़ा, और जीत भी गया, वह रोया और उसने गिड़गिड़ाकर बिनती की। बेतेल में वह उसको मिला, और वहीं उसने हम से बातें की।
9यहोवा, सेनाओं का परमेश्वर, जिसका स्मरण यहोवा नाम से होता है।
10इसलिये तू अपने परमेश्वर की ओर फिर; कृपा और न्याय के काम करता रह, और अपने परमेश्वर की बाट निरन्तर जोहता रह॥

11वह व्योपारी है, और उसके हाथ में छल का तराजू है; अन्धेर करना ही उसको भाता है।
12एप्रैम कहता है, मैं धनी हो गया, मैं ने सम्पत्ति प्राप्त की है; मेरे किसी काम में ऐसा अधर्म नहीं पाया गया जिस से पाप लगे।
13मैं यहोवा, मिस्र देश ही से तेरा परमेश्वर हूं; मैं फिर तुझे तम्बुओं में ऐसा बसाऊंगा जैसा नियत पर्व के दिनों में हुआ करता है॥
14मैं ने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कीं, और बार बार दर्शन देता रहा; और भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा दृष्टान्त कहता आया हूं।
15क्या गिलाद कुकर्मी नहीं? वे पूरे छली हो गए हैं। गिल्गाल में बैल बलि किए जाते हैं, वरन उनकी वेदियां उन ढेरों के समान हैं जो खेत की रेघारियों के पास हों।

16याकूब अराम के मैदान में भाग गया था; वहां इस्राएल ने एक पत्नी के लिये सेवा की, और पत्नी के लिये वह चरवाही करता था।
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