Lumina
Hosea

God's Love for Israel

Hosea 11·Hindi Bible

1उनकी सारी बुराई गिल्गाल में है; वहीं मैं ने उन से घृणा की। उनके बुरे कामों के कारण मैं उन को अपने घर से निकाल दूंगा। और उन से फिर प्रीति न रखूंगा, क्योंकि उनके सब हाकिम बलवा करने वाले हैं।

2एप्रैम मारा हुआ है, उनकी जड़ सूख गई, उन में फल न लगेगा। और चाहे उनकी स्त्रियां बच्चे भी न जनें तौभी मैं उनके जन्मे हुए दुलारों को मार डालूंगा॥

3मेरा परमेश्वर उन को निकम्मा ठहराएगा, क्योंकि उन्होंने उसकी नहीं सुनी। वे अन्यजातियों के बीच मारे मारे फिरेंगे॥

4इस्राएल एक लहलहाती हुई दाखलता सी है, जिस में बहुत से फल भी लगे, परन्तु ज्यों ज्यों उस के फल बढ़े, त्यों त्यों उसने अधिक वेदियां बनाईं जैसे जैसे उसकी भूमि सुधरी, वैसे ही वे सुन्दर लाटें बनाते गए।

5उनका मन बटा हुआ है; अब वे दोषी ठहरेंगे। वह उनकी वेदियों को तोड़ डालेगा, और उनकी लाटों को टुकड़े टुकड़े करेगा।

Hosea 11 illustration - Hosea Chapter 11

6अब वे कहेंगे, हमारे कोई राजा नहीं है, क्योंकि हम ने यहोवा का भय नहीं माना; सो राजा हमारा क्या कर सकता है?

7वे बातें बनाते और झूठी शपथ खाकर वाचा बान्धते हैं; इस कारण खेत की रेघारियों में धतूरे की नाईं दण्ड फूले फलेगा।

8सामरिया के निवासी बेतावेन के बछड़े के लिये डरते रहेंगे, और उसके लोग उसके लिये विलाप करेंगे; और उसके पुजारी जो उसके कारण मगन होते थे उसके प्रताप के लिये इस कारण विलाप करेंगे क्योंकि वह उन में से उठ गया है।

9वह यारेब राजा की भेंट ठहरने के लिये अश्शूर देश में पहुंचाया जएगा। एप्रैम लज्जित होगा, और इस्राएल भी अपनी युक्ति से लजाएगा॥

10सामरिया अपने राजा समेत जल के बुलबुले की नाईं मिट जाएगा।

Hosea 11 illustration - Hosea Chapter 11

11और आवेन के ऊंचे स्थान जो इस्राएल का पाप है, वे नाश होंगे। उनकी वेदियों पर झड़बेरी, पेड़ और ऊंटकटारे उगेंगे; और उस समय लोग पहाड़ों से कहने लगेंगे, हम को छिपा लो, और टीलों से कि हम पर गिर पड़ो॥

12हे इस्राएल, तू गिबा के दिनों में पाप करता आया है; वे उसी में बने रहें; क्या वे गिबा में कुटिल मनुष्यों के संग लड़ाई में न फंसे?

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