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Ezekiel

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Ezekiel 9·Hindi Bible

1फिर छठवें वर्ष के छठवें महीने के पांचवें दिन को जब मैं अपने घर में बैठा था, और यहूदियों के पुरनिये मेरे साम्हने बैठे थे, तब प्रभु यहोवा की शक्ति वहीं मुझ पर प्रगट हुई।

2और मैं ने देखा कि आग का सा एक रूप दिखई देता है; उसकी कमर से नीचे की ओर आग है, और उसकी कमर से ऊपर की ओर झलकाए हुए पीतल की झलक सी कुछ है।

3उसने हाथ सा कुछ बढ़ा कर मेरे सिर के बाल पकड़े; तब आत्मा ने मुझे पृथ्वी और आकाश के बीच में उठा कर परमेश्वर के दिखाए हुए दर्शनों में यरूशलेम के मन्दिर के भीतर, आंगन के उस फाटक के पास पहुचा दिया जिसका मुंह उत्तर की ओर है; और जिस में उस जलन उपजाने वाली प्रतिमा का स्थान था जिसके कारण द्वेष उपजता है।

4फिर वहां इस्राएल के परमेश्वर का तेज वैसा ही था जैसा मैं ने मैदान में देखा था।

5उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, अपनी आंखें उत्तर की ओर उठा कर देख। सो मैं ने अपनी आंखें उत्तर की ओर उठा कर देखा कि वेदी के फाटक की उत्तर की ओर उसके प्रवेश स्थान ही में वह डाह उपजाने वाली प्रतिमा है।

Ezekiel 9 illustration - Ezekiel Chapter 9

6तब उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू देखता है कि ये लोग क्या कर रहे हैं? इस्राएल का घराना क्या ही बड़े घृणित काम यहां करता है, ताकि मैं अपने पवित्र स्थान से दूर हो जाऊं; परन्तु तू इन से भी अधिक घृणित काम देखेगा।

7तब वह मुझे आंगन के द्वार पर ले गया, और मैं ने देखा, कि भीत में एक छेद है।

8तब उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, भीत को फोड़; तो मैं ने भीत को फोड़कर क्या देखा कि एक द्वार है

9उसने मुझ से कहा, भीतर जा कर देख कि ये लोग यहां कैसे कैसे और अति घृणित काम कर रहे हैं।

10सो मैं ने भीतर जा कर देखा कि चारों ओर की भीत पर जाति जाति के रेंगने वाले जन्तुओं और घृणित पशुओं और इस्राएल के घराने की सब मूरतों के चित्र खिंचे हुए हैं।

Ezekiel 9 illustration - Ezekiel Chapter 9

11और इस्राएल के घराने के पुरनियों में से सत्तर पुरुष जिन के बीच में शापान का पुत्र याजन्याह भी है, वे उन चित्रों के साम्हने खड़े हैं, और हर एक पुरुष अपने हाथ में घूपदान लिए हुए है; और धूप के धूएं के बादल की सुगन्ध उठ रही है।

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