1और गोमेर और उसके सारे दलों को, और उत्तर दिशा के दूर दूर देशों के तोगर्मा के घराने, और उसके सारे दलों को निकालूंगा; तेरे संग बहुत से देशों के लोग होंगे।
2इसलिये तू तैयार हो जा; तू और जितनी भीड़ तेरे पास इकट्ठी हों, तैयार रहना, और तू उनका अगुवा बनना।
3बहुत दिनों के बीतने पर तेरी सुधि ली जाएगी; और अन्त के वर्षों में तू उस देश में आएगा, जो तलवार के वश से छूटा हुआ होगा, और जिसके निवासी बहुत सी जातियों में से इकट्ठे होंगे; अर्थात तू इस्राएल के पहाड़ों पर आएगा जो निरन्तर उजाड़ रहे हैं; परन्तु वे देश देश के लोगों के वश से छुड़ाए जा कर सब के सब निडर रहेंगे।
4तू चढ़ाई करेगा, और आंधी की नाईं आएगा, और अपने सारे दलों और बहुत देशों के लोगों समेत मेघ के समान देश पर छा जाएगा।
5परमेश्वर यहोवा यों कहता है, उस दिन तेरे मन में ऐसी ऐसी बातें आएंगी कि तू एक बुरी युक्ति भी निकालेगा;

6और तू कहेगा कि मैं बिन शहरपनाह के गांवों के देश पर चढ़ाई करूंगा; मैं उन लोगों के पास जाऊंगा जो चैन से निडर रहते हैं; जो सब के सब बिना शहरपनाह ओर बिना बेड़ों और पल्लों के बसे हुए हैं;
7ताकि छीन कर तू उन्हें लूटे और अपना हाथ उन खण्डहरों पर बढ़ाए जो फिर बसाए गए, और उन लोगों के विरुद्ध फेरे जो जातियों में से इाट्ठे हुए थे और पृथ्वी की नाभी पर बसे हुए ढोर और और सम्पत्ति रखते हैं।
8शबा और ददान के लोग और तशींश के व्योपारी अपने देश के सब जवान सिंहों समेत तुझ से कहेंगे, क्या तू लूटने को आता है? क्या तू ने धन छीनने, सोना-चाँदी उठाने, ढोर और और सम्पत्ति ले जाने, और बड़ी लूट अपना लेने को अपनी भीड़ इकट्टी की है?
9इस कारण, हे मनुष्य के सन्तान, भविष्यद्वाणी कर के गोग से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, जिस समय मेरी प्रजा इस्राएल निडर बसी रहेगी, क्या तुझे इसका समाचार न मिलेगा?
10और तू उत्तर दिशा के दूर दूर स्थानों से आएगा; तू और तेरे साथ बहुत सी जातियों के लोग, जो सब के सब घोड़ों पर चढ़े हुए होंगे, अर्थात एक बड़ी भीड़ और बलवन्त सेना।

11और जैसे बादल भूमि पर छा जाता है, वैसे ही तू मेरी प्रजा इस्राएल के देश पर ऐसे चढ़ाई करेगा। इसलिये हे गोग, अन्त के दिनों में ऐसा ही होगा, कि मैं तुझ से अपने देश पर इसलिये चढ़ाई कराऊंगा, कि जब मैं जातियों के देखते तेरे द्वारा अपने को पवित्र ठहराऊं, तब वे मुझे पहिचान लेंगे।
12परमेश्वर यहोवा यों कहता है, क्या तू वही नहीं जिसकी चर्चा मैं ने प्राचीनकाल में अपने दासों के, अर्थात इस्राएल के उन भविष्यद्वक्ताओं द्वारा की थी, जो उन दिनों में वर्षों तक यह भविष्यद्वाणी करते गए, कि यहोवा गोग से इस्राएलियों पर चढ़ाई कराएगा?
13और जिस दिन इस्राएल के देश पर गोग चढ़ाई करेगा, उसी दिन मेरी जलजलाहट मेरे मुख से प्रगट होगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
14और मैं ने जलजलाहट और क्रोध की आग में कहा कि नि:सन्देह उस दिन इस्राएल के देश में बड़ा भुईंडोल होगा।
15और मेरे दर्शन से समुद्र की मछलियां और आकाश के पक्षी, मैदान के पशु और भूमि पर जितने जीव-जन्तु रेंगते हैं, और भूमि के ऊपर जितने मनुष्य रहते हैं, सब कांप उठेंगे; और पहाड़ गिराए जाएंगे; और चढ़ाइयां नाश होंगी, और सब भीतें गिर कर मिट्टी में मिल जाएंगी।

16परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है कि मैं उसके विरुद्ध तलवार चलाने के लिये अपने सब पहाड़ों को पुकारूंगा और हर एक की तलवार उसके भाई के विरुद्ध उठेगी।
17और मैं मरी और खून के द्वारा उस से मुकद्दमा लड़ूंगा; और उस पर और उसके दलों पर, और उन बहुत सी जातियों पर जो उसके पास होंगी, मैं बड़ी झड़ी लगाऊंगा, और ओले और आग और गन्धक बरसाऊंगा।
18इस प्रकार मैं अपने को महान और पवित्र ठहराऊंगा और बहुत सी जातियों के साम्हने अपने को प्रगट करूंगा। तब वे जान लेंगी कि मैं यहोवा हूँ।
19फिर हे मनुष्य के सन्तान, गोग के विरुद्ध भविष्यद्वाणी कर के यह कह, हे गोग, हे रोश, मेशेक और तूबल के प्रधान, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मैं तेरे विरुद्ध हूँ।
20मैं तुझे घुमा ले आऊंगा, और उत्तर दिशा के दूर दूर देशों से चढ़ा ले आऊंगा, और इस्राएल के पहाड़ों पर पहुंचाऊंगा।

21वहां मैं तेरा धनुष तेरे बाएं हाथ से गिराऊंगा, और तेरे तीरों को तेरे दाहिने हाथ से गिरा दूंगा।
22तू अपने सारे दलों और अपने साथ की सारी जातियों समेत इस्राएल के पहाड़ों पर मार डाला जाएगा; मैं तुझे भांति भांति के मांसाहारी पक्षियों और वनपशुओं का आहार कर दूंगा।
23तू खेत में गिरेगा, क्योंकि मैं ही ने ऐसा कहा है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
24मैं मागोग में और द्वीपों के निडर रहने वालों के बीच आग लगाऊंगा; और वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
25और मैं अपनी प्रजा ईस्राएल के बीच अपना नाम प्रगट करूंगा; और अपना पवित्र नाम फिर अपवित्र न होने दूंगा; तब जाति-जाति के लोग भी जान लेंगे कि मैं यहोवा, इस्राएल का पवित्र हूँ।

26यह घटना हुआ चाहती है और वह हो जाएगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। यह वही दिन है जिसकी चर्चा मैं ने की है।
27तब इस्राएल के नगरों के रहने वाले निकलेंगे और हथियारों में आग लगा कर जला देंगे, ढाल, और फरी, धनुष, और तीर, लाठी, बर्छे, सब को वे सात वर्ष तक जलाते रहेंगे।
28और इसके कारण वे मैदान में लकड़ी न बीनेंगे, न जंगल में काटेंगे, क्योंकि वे हथियारों ही को जलाया करेंगे; वे अपने लूटने वाले को लूटेंगे, और अपने छीनने वालों से छीनेंगे, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
29उस समय मैं गोग को इस्राएल के देश में कब्रिस्तान दूंगा, वह ताल की पूर्व ओर होगा; वह आने जाने वालों की तराई कहलाएगी, और आने जाने वालों को वहां रुकना पड़ेगा; वहां सब भीड़ समेत गोग को मिट्टी दी जाएगी और उस स्थान का नाम गोग की भीड़ की तराई पड़ेगा।
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