Lumina
Ezekiel

Ezekiel as Watchman

Ezekiel 33·Hindi Bible

1जब मैं मिस्र देश को उजाड़ कर दूंगा और जिस से वह भरपूर है, उस से छूछा कर दूंगा, और जब मैं उसके सब रहने वालों को मारूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।

2लोगों के विलाप करने के लिये विलाप का गीत यही है; जाति-जाति की स्त्रियां इसे गाएंगी; मिस्र और उसकी सारी भीड़ के विषय वे यही विलापगीत गाएंगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।

3फिर बारहवें वर्ष के पहिले महीने के पन्द्रहवें दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,

4हे मनुष्य के सन्तान, मिस्र की भीड़ के लिये हाय-हाय कर, और उसको प्रतापी जातियों की बेटियों समेत कबर में गड़े हुओं के पास अधोलोक में उतार।

5तू किस से मनोहर है? तू उतर कर खतनाहीनों के संग पड़ा रह।

Ezekiel 33 illustration - Ezekiel Chapter 33

6वे तलवार से मरे हुओं के बीच गिरेंगे, उन के लिये तलवार ही ठहराई गई है; सो मिस्र को उसकी सारी भीड़ समेत घसीट ले जाओ।

7सामथीं शूरवीर उस से और उसके सहायकों से अधोलोक में बातें करेंगे; वे खतनाहीन लोग वहां तलवार से मरे पड़े हैं।

8अपनी सारी सभा समेत अश्शूर भी वहां है, उसकी कबरें उसके चारों ओर हैं; सब के सब तलवार से मारे गए हैं।

9उसकी कबरें गड़हे के कोनों में बनी हुई हैं, और उसकी कबर के चारों ओर उसकी सभा है; वे सब के सब जो जीवनलोक में भय उपजाते थे, अब तलवार से मरे पड़े हैं।

10वहां एलाम है, और उसकी कबर की चारों ओर उसकी सारी भीड़ है; वे सब के सब तलवार से मारे गए हैं, वे खतनाहीन अधोलोक में उतर गए हैं; वे जीवनलोक में भय उपजाते थे, परन्तु अब कबर में और गड़े हुओं के संग उनके मुंह पर भी सियाही छाई हुई है।

Ezekiel 33 illustration - Ezekiel Chapter 33

11उसकी सारी भीड़ समेत उसे मारे हुओं के बीच सेज मिली, उसकी कबरें उसी के चारों ओर हैं, वे सब के सब खतनाहीन तलवार से मारे गए; उन्होंने जीवनलोक में भय उपजाया था, परन्तु अब कबर में और गड़े हुओं के संग उनके मुंह पर सियाही छाई हुई है; और वे मरे हुओं के बीच रखे गए हैं।

12वहां सारी भीड़ समेत मेशेक और तूबल हैं, उनके चारों ओर कबरें हैं; वे सब के सब खतनाहीन तलवार से मारे गए, क्योंकि जीवनलोक में वे भय उपजाते थे।

13और उन गिरे हुए खतनाहीन शूरवीरों के संग वे पड़े न रहेंगे जो अपने अपने युद्ध के हथियार लिए हुए अधोलोक में उतर गए हैं, वहां उनकी तलवारें उनके सिरों के नीचे रखी हुई हैं, और उनके अधर्म के काम उनकी हड्डियों में व्यापे हैं; क्योंकि जीवनलोक में उन से शूरवीरों को भी भय उपजता था।

14इसलिये तू भी खतनाहीनों के संग अंग-भंग हो कर तलवार से मरे हुओं के संग पड़ा रहेगा।

15वहां एदोम और उसके राजा और उसके सारे प्रधान हैं, जो पराक्रमी होने पर भी तलवार से मरे हुओं के संग रखे हैं; गड़हे में गड़े हुए खतनाहीन लोगों के संग वे भी पड़े रहेंगे।

Ezekiel 33 illustration - Ezekiel Chapter 33

16वहां उत्तर दिशा के सारे प्रधान और सारे सीदोनी भी हैं जो मरे हुओं के संग उतर गए; उन्होंने अपने पराक्रम से भय उपजाया था, परन्तु अब वे लज्जित हुए और तलवार से और मरे हुओं के साथ वे भी खतनाहीन पड़े हुए हैं, और कबर में अन्य गड़े हुओं के संग उनके मुंह पर भी सियाही छाई हुई है।

17इन्हें देख कर फिरौन भी अपनी सारी भीड़ के विषय में शान्ति पाएगा, हां फिरौन और उसकी सारी सेना जो तलवार से मारी गई है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।

18क्योंकि मैं ने उसके कारण जीवनलोक में भय उपजाया था; इसलिये वह सारी भीड़ समेत तलवार से और मरे हुओं के सहित खतनाहीनों के बीच लिटाया जाएगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।

19यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,

20हे मनुष्य के सन्तान, अपने लोगों से कह, जब मैं किसी देश पर तलवार चलाने लगूं, और उस देश के लोग किसी को अपना पहरुआ कर के ठहराएं,

Ezekiel 33 illustration - Ezekiel Chapter 33

21तब यदि वह यह देख कर कि इस देश पर तलवार चला चाहती है, नरसिंगा फूंक कर लोगों को चिता दे,

22तो जो कोई नरसिंगे का शब्द सुनने पर न चेते और तलवार के चलने से मर जाए, उसका खून उसी के सिर पड़ेगा।

23उसने नरसिंगे का शब्द सुना, परन्तु न चेता; सो उसका खून उसी को लगेगा। परन्तु, यदि वह चेत जाता, तो अपना प्राण बचा लेता।

24परन्तु यदि पहरुआ यह देखने पर कि तलवार चला चाहती है नरसिंगा फूंक कर लोगों को न चिताए, और तलवार के चलने से उन में से कोई मर जाए, तो वह तो अपने अधर्म में फंसा हुआ मर जाएगा, परन्तु उसके खुन का लेखा मैं पहरुए ही से लूंगा।

25इसलिये, हे मनुष्य के सन्तान, मैं ने तुझे इस्राएल के घराने का पहरुआ ठहरा दिया है; तु मेरे मुंह से वचन सुन सुनकर उन्हें मेरी ओर से चिता दे।

Ezekiel 33 illustration - Ezekiel Chapter 33

26यदि मैं दुष्ट से कहूं, हे दुष्ट, तू निश्चय मरेगा, तब यदि तू दुष्ट को उसके मार्ग के विषय न चिताए, तो वह दुष्ट अपने अधर्म में फंसा हुआ मरेगा, परन्तु उसके खून का लेखा में तुझी से लूंगा।

27परन्तु यदि तू दुष्ट को उसके मार्ग के विषय चिताए कि वह अपने मार्ग से फिरे और वह अपने मार्ग से न फिरे, तो वह तो अपने अधर्म में फंसा हुआ मरेगा, परन्तु तू अपना प्राण बचा लेगा।

28फिर हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के घराने से यह कह, तुम लोग कहते हो, हमारे अपराधों और पापों का भार हमारे ऊपर लदा हुआ है और हम उसके कारण गलते जाते हैं; हम कैसे जीवित रहें?

29सो तू ने उन से यह कह, परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न नहीं होता, परन्तु इस से कि दुष्ट अपने मार्ग से फिर कर जीवित रहे; हे इस्राएल के घराने, तुम अपने अपने बुरे मार्ग से फिर जाओ; तुम क्यों मरो?

30और हे मनुष्य के सन्तान, अपने लोगों से यह कह, जब धमीं जन अपराध करे तब उसका धर्म उसे बचा न सकेगा; और दुष्ट की दुष्टता भी जो हो, जब वह उस से फिर जाए, तो उसके कारण वह न गिरेगा; और धमीं जन जब वह पाप करे, तब अपने धर्म के कारण जीवित न रहेगा।

Ezekiel 33 illustration - Ezekiel Chapter 33

31यदि मैं धमीं से कहूं कि तू निश्चय जीवित रहेगा, और वह अपने धर्म पर भरोसा कर के कुटिल काम करने लगे, तब उसके धर्म के कामों में से किसी का स्मरण न किया जाएगा; जो कुटिल काम उसने किए हों वह उन्ही में फंसा हुआ मरेगा।

32फिर जब मैं दुष्ट से कहूं, तू निश्चय मरेगा, और वह अपने पाप से फिर कर न्याय और धर्म के काम करने लगे,

33अर्थात यदि दुष्ट जन बन्धक फेर दे, अपनी लूटी हुई वस्तुएं भर दे, और बिना कुटिल काम किए जीवनदायक विधियों पर चलने लगे, तो वह न मरेगा; वह निश्चय जीवित रहेगा।

Chapter Complete

You have read Ezekiel 33

33 verses