1सो जिन दिनों में तेरा न्याय करूंगा, क्या उन में तेरा हृदय दृढ़ यौर तेरे हाथ स्थिर रह सकेंगे? मुझ यहोवा ने यह कहा है, और ऐसा ही करूंगा।
2मैं तेरे लोगों को जाति जाति में तितर-बितर करूंगा, और देश देश में छितरा दूंगा, और तेरी अशुद्धता को तुझ में से नाश करूंगा।
3और तू जाति जाति के देखते हुए अपनी ही दृष्टि में अपवित्र ठहरेगी; तब तू जान लेगी कि मैं यहोवा हूँ।
4फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
5हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल का घराना मेरी दृष्टि में धातु का मैल हो गया है; वे सब के सब भट्टी के बीच के पीतल और रांगे और लोहे और शीशे के समान बन गए; वे चान्दी के मैल के समान हो गए हैं।

6इस कारण प्रभु यहोवा उन से यों कहता है, इसलिये कि तुम सब के सब धातु के मैल के समान बन गए हो, हो देखो, मैं तुम को यरूशलेम के भीतर इकट्ठा करने पर हूँ।
7जैसे लोग चान्दी, पीतल, लोहा, शीशा, और रांगा इसलिये भट्ठी के भीतर बटोर कर रखते हैं कि उन्हे आग फूंककर पिघलाएं, वैसे ही मैं तुम को अपने कोप और जलजलाहट से इकट्ठा कर के वहीं रख कर पिघला दूंगा।
8मैं तुम को वहां बटोरकर अपने रोष की आग से फूंकूंगा, और तुम उसके बीच में पिघलाए जाओगे।
9जैसे चान्दी भट्ठी के बीच में पिघलाई जाती है, वैसे ही तुम उसके बीच में पिघलाए जाओगे; तब तुम जान लोगे कि जिसने हम पर अपनी जलजलाहट भड़काई है, वह यहोवा है।
10फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,

11हे मनुष्य के सन्तान, उस देश से कह, तू ऐसा देश है जो शुद्ध नहीं हुआ, और जलजलाहट के दिन में तुझ पर वर्षा नहीं हुई्र;
12तेरे भविष्यद्वक्ताओं ने तुझ में राजद्रोह की गोष्ठी की, उन्होंने गरजने वाले सिंह की नाईं अहेर पकड़ा और प्राणियों को खा डाला है; वे रखे हुए अनमोल धन को छीन लेते हैं, और तुझ में बहुत स्त्रियों को विधवा कर दिया है।
13उसके याजकों ने मेरी व्यवस्था का अर्थ खींच खांचकर लगाया है, और मेरी पवित्र वस्तुओं को अपवित्र किया है; उन्होंने पवित्र अपवित्र का कुछ भेद नहीं माना, और न औरों को शुद्ध-अशुद्ध का भेद सिखाया है, और वे मेरे विश्राम दिनों के विषय में निश्चिन्त रहते हैं, जिस से मैं उनके बीच अपवित्र ठहरता हूँ।
14उसके प्रधान हुंड़ारों की नाईं अहेर पकड़ते, और अन्याय से लाभ उठाने के लिये हत्या करते हैं और प्राण घात करने को तत्पर रहते हैं।
15और उसके भविष्यद्वक्ता उनके लिये कच्ची लेसाई करते हैं, उनका दर्शन पाना मिथ्या है; यहोवा के बिना कुछ कहे भी वे यह कह कर झूठी भावी बताते हैं कि “प्रभु यहोवा यों कहता है”।

16देश के साधारण लोग भी अन्धेर करते और पराया धन छीनते हैं, वे दीन दरिद्र को पीसते और न्याय की चिन्ता छोड़ कर परदेशी पर अन्धेर करते हैं।
17और मैं ने उन में ऐसा मनुष्य ढूंढ़ना चाहा जो बाड़े को सुधारे और देश के निमित्त नाके में मेरे साम्हने ऐसा खड़ा हो कि मुझे उसको नाश न करना पड़े, परन्तु ऐसा कोई न मिला।
18इस कारण मैं ने उन पर अपना रोष भड़काया और अपनी जलजलाहट की आग से उन्हें भस्म कर दिया है; मैं ने उनकी चाल उन्ही के सिर पर लौटा दी है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है॥
19यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
20हे मनुष्य के सन्तान, दो स्त्रियां थी, जो एक ही मां की बेटी थीं,

21वे अपने बचपन ही में वेश्या का काम मिस्र में करने लगी; उनकी छातियां कुंवारपन में पहिले वहीं मींजी गई और उनका मरदन भी हुआ।
22उन लड़कियों में से बड़ी का नाम ओहोला और उसकी बहिन का नाम ओहोलीबा था। वे मेरी हो गईं, और उनके पुत्र पुत्रियां उत्पन्न हुई। उनके नामों में से ओहोला तो शोमरोन, और ओहेलीबा यरूशलेम है।
23ओहोला जब मेरी थी, तब ही व्यभिचारिणी हो कर अपने मित्रों पर मोहित होने लगी जो उसके पड़ोसी अश्शूरी थे।
24वे तो सब के सब नीले वस्त्र पहिनने वाले मनभावने जवान, अधिपति और प्रधान थे, और घोड़ों पर सवार थे।
25सो उसने उन्हीं के साथ व्यभिचार किया जो सब के सब सवॉत्तम अश्शूरी थे; और जिस किसी पर वह मोहित हुई, उसी की मूरतों से वह अशुद्ध हुई।

26जो व्यभिचार उसने मिस्र में सीखा था, उसको भी उसने न छोड़ा; क्योंकि बचपन में मनुष्यों ने उसके साथ कुकर्म किया, और उसकी छातियां मींजी, और तन-मन से उसके साथ व्यभिचार किया गया था।
27इस कारण मैं ने उसको उन्हीं अश्शूरी मित्रों के हाथ कर दिया जिन पर वह मोहित हुई थी।
28उन्होंने उसको नंगी किया; उसके पुत्र-पुत्रियां छीन कर उसको तलवार से घात किया; इस प्रकार उनके हाथ से दण्ड पाकर वह स्त्रियों में प्रसिद्ध हो गई।
29उसकी बहिन ओहोलीबा ने यह देखा, तौभी वह मोहित हो कर व्यभिचार करने में अपनी बहिन से भी अधिक बढ़ गई।
30वह अपने अश्शूरी पड़ोसियों पर मोहित होती थी, जो सब के सब अति सुन्दर वस्त्र पहिनने वाले और घोड़ों के सवार मनभावने, जवान अधिपति और और प्रकार के प्रधान थे।

31तब मैं ने देखा कि वह भी अशुद्ध हो गई; उन दोनों बहिनों की एक ही चाल थी।
32परन्तु ओहोलीबा अधिक व्यभिचार करती गई; सो जब उसने भीत पर सेंदूर से खींचे हुए ऐसे कसदी पुरुषें के चित्र देखे,
33जो कटि में फेंटे बान्धे हुए, सिर में छोर लटकती हुई रंगीली पगडिय़ां पहिने हुए, और सब के सब अपनी कसदी जन्मभूमि अर्थात बाबुल के लोगों की रीति पर प्रधानों का रूप धरे हुए थे,
34तब उन को देखते ही वह उन पर मोहित हुई और उनके पास कसदियों के देश में दूत भेजे।
35सो बाबुली लोग उसके पास पलंग पर आए, और उसके साथ व्यभिचार कर के उसे अशुद्ध किया; और जब वह उन से अशुद्ध हो गई, तब उसका मन उन से फिर गया।

36तौभी जब वह तन उघाड़ती और व्यभिचार करती गई, तब मेरा मन जैसे उसकी बहिन से फिर गया था, वैसे ही उस से भी फिर गया।
37इस पर भी वह मिस्र देश के अपने बचपन के दिन स्मरण कर के जब वह वेश्या का काम करती थी, और अधिक व्यभिचार करती गई;
38और ऐसे मित्रों पर मोहित हुई, जिनका मांस गदहों का सा, और वीर्य घोड़ों का सा था।
39तू इस प्रकार से अपने बचपन के उस समय के महापाप का स्मरण कराती है जब मिस्री लोग तेरी छातियां मींजते थे।
40इस कारण हे ओहोलीबा, परमेश्वर यहोवा तुझ से यों कहता है, देख, मैं तेरे मित्रों को उभारकर जिन से तेरा मन फिर गया चारों ओर से तेरे विरुद्ध ले आऊंगा।

41अर्थात बाबुलियों और सब कसदियों को, और पकोद, शो और कोआ के लोगों को; और उनके साथ सब अश्शूरियों को लाऊंगा जो सब के सब घोड़ों के सवार मनभावने जवान अधिपति, और कई प्रकार के प्रतिनिधि, प्रधान और नामी पुरुष हैं।
42वे लोग हथियार, रथ, छकड़े और देश देश के लोगों का दल लिए हुए तुझ पर चढ़ाई करेंगे; और ढाल और फरी और टोप धारण किए हुए तेरे विरुद्ध चारों ओर पांति बान्धेंगे; और मैं उन्हीं के हाथ न्याय का काम सौंपूंगा, और वे अपने अपने नियम के अनुसार तेरा न्याय करेंगे।
43और मैं तुझ पर जलूंगा, जिस से वे जलजलाहट के साथ तुझ से बर्ताव करेंगे। वे तेरी नाक और कान काट लेंगे, और तेरा जो भी बचा रहेगा वह तलवार से मारा जाएगा। वे तेरे पुत्र-पुत्रियों को छीन ले जाएंगे, और तेरा जो भी बचा रहेगा, वह आग से भस्म हो जाएगा।
44वे तेरे वस्त्र भी उतार कर तेरे सुन्दर-सुन्दर गहने छीन ले जाएंगे।
45इस रीति से मैं तेरा महापाप और जो वेश्या का काम तू ने मिस्र देश में सीखा था, उसे भी तुझ से छुड़ाऊंगा, यहां तक कि तू फिर अपनी आंख उनकी ओर न लगाएगी और न मिस्र देश को फिर स्मरण करेगी।

46क्योंकि प्रभु यहोवा तुझ से यों कहता है, देख, मैं तुझे उनके हाथ सौंपूंगा जिन से तू बैर रखती है और जिन से तेरा मन फिर गया है;
47और वे तुझ से बैर के साथ बर्ताव करेंगे, और तेरी सारी कमाई को उठा लेंगे, और तुझे नंगा कर के छोड़ देंगे, और तेरे तन के उघाड़े जाने से तेरा व्यभिचार और महापाप प्रगट हो जाएगा।
48ये काम तुझ से इस कारण किए जाएंगे क्योंकि तू अन्यजातियों के पीछे व्यभिचारिणी की नाईं हो गई, और उनकी मूरतें पूज कर अशुद्ध हो गई है।
49तू अपनी बहिन की लीक पर चली है; इस कारण मैं तेरे हाथ में उसका सा कटोरा दूंगा।
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