1ऐसे ऐसे काम करके यहोयादा का पुत्र बनायाह उन तीनों वीरों में नामी हो गया।
2वह तीसों से अधिक प्रतिष्ठित तो था, परन्तु मुख्य तीनों के पद को न पहुंचा। उसको दाऊद ने अपनी निज सभा का सभासद नियुक्त किया।
3फिर तीसों में योआब का भाई असाहेल; बेतलेहेमी दोदो का पुत्र एल्हानान,
4हेरोदी शम्मा, और एलीका, पेलेती हेलेस,
5तकोई इक्केश का पुत्र ईरा,

6अनातोती अबीएज़ेर, हूशाई मबुन्ने,
7अहोही सल्मोन, नतोपाही महरै,
8एक और नतोपाही बाना का पुत्र हेलेब, बिन्यामीनियों के गिबा नगर के रीबै का पुत्र हुत्तै,
9पिरातोनी, बनायाह, गाश के नालों के पास रहने वाला हिद्दै,
10अराबा का अबीअल्बोन, बहूरीमी अजमावेत,

11शालबोनी एल्यहबा, याशेन के वंश में से योनातन,
12पहाड़ी शम्मा, अरारी शारार का पुत्र अहीआम,
13अहसबै का पुत्र एलीपेलेत्त माका देश का, गीलोई अहीतोपेल का पुत्र एलीआम,
14कर्म्मेली हेस्रो, अराबी पारै
15सोबाई नातान का पुत्र यिगाल, गादी बानी,

16अम्मोनी सेलेक, बेरोती नहरै को सरूयाह के पुत्र योआब का हथियार ढोने वाला था,
17येतेरी ईरा, और गारेब,
18और हित्ती ऊरिय्याह था: सब मिलाकर सैंतीस थे।
19और यहोवा का कोप इस्राएलियों पर फिर भड़का, और उसने दाऊद को इनकी हानि के लिये यह कहकर उभारा, कि इस्राएल और यहूदा की गिनती ले।
20सो राजा ने योआब सेनापति से जो उसके पास था कहा, तू दान से बेर्शबा तक रहने वाले सब इस्राएली गोत्रें में इधर उधर घूम, और तुम लोग प्रजा की गिनती लो, ताकि मैं जान लूं कि प्रजा की कितनी गिनती है।

21योआब ने राजा से कहा, प्रजा के लोग कितने ही क्यों न हों, तेरा परमेश्वर यहोवा उन को सौगुणा बढ़ा दे, और मेरा प्रभु राजा इसे अपनी आंखों से देखने भी पाए; परन्तु, हे मेरे प्रभु, हे राजा, यह बात तू क्यों चाहता है?
22तौभी राजा की आज्ञा योआब और सेनापतियों पर प्रबल हुई। सो योआब और सेनापति राजा के सम्मुख से इस्राएली प्रजा की गिनती लेने को निकल गए।
23उन्होंने यरदन पार जा कर अरोएर नगर की दाहिनी ओर डेरे खड़े किए, जो गाद के नाले के मध्य में और याजेर की ओर है।
24तब वे गिलाद में और तहतीम्होदशी नाम देश में गए, फिर दान्यान को गए, और चक्कर लगाकर सीदोन में पहुंचे;
25तब वे सोर नाम दृढ़ गढ़, और हिब्बियों और कनानियों के सब नगरों में गए; और उन्होंने यहूदा देश की दक्खिन दिशा में बेर्शबा में दौरा निपटाया।
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