Lumina
2Chronicles

Jehoshaphat's Reign

2Chronicles 17·Hindi Bible

1वरन आसा राजा की माता माका जिसने अशेरा के पास रखने के लिए एक घिनौनी मूरत बनाई, उसको उसने राजमाता के पद से उतार दिया, और आसा ने उसकी मूरत काट कर पीस डाली और किद्रोन नाले में फूंक दी।

2ऊंचे स्थान तो इस्राएलियों में से न ढाए गए, तौभी आसा का मन जीवन भर निष्कपट रहा।

3और उसने जो सोना चान्दी, और पात्र उसके पिता ने अर्पण किए थे, और जो उसने आप अर्पण किए थे, उन को परमेश्वर के भवन में पहंचा दिया।

4और राजा आसा के राज्य के पैंतीसवें वर्ष तक फिर लड़ाई न हुई।

5आसा के राज्य के छत्तीसवें वर्ष में इस्राएल के राजा बाशा ने यहूदा पर चढ़ाई की और रामा को इसलिये दृढ़ किया, कि यहूदा के राजा आसा के पास कोई आने जाने न पाए।

2Chronicles 17 illustration - 2Chronicles Chapter 17

6तब आसा ने यहोवा के भवन और राजभवन के भणडारों में से चान्दी-सोना निकाल दमिश्कवासी अराम के राजा बेन्हदद के पास दूत भेज कर यह कहा,

7कि जैसे मेरे-तेरे पिता के बीच वैसे ही मेरे-तेरे बीच भी वाचा बन्धे; देख मैं तेरे पास चान्दी-सोना भेजता हूं, इसलिये आ, इस्राएल के राजा बाशा के साथ की अपनी वाचा को तोड़ दे, ताकि वह मुझ से दूर हो।

8बेन्हदद ने राजा आसा की यह बात मान कर, अपने दलों के प्रधानों से इस्राएली नगरों पर चढ़ाई करवा कर इय्योन, दान, आबेल्मैम और नप्ताली के सब भणडार वाले नगरों को जीत लिया।

9यह सुनकर बाशा ने रामा को दृढ़ करना छोड़ दिया, और अपना वह काम बन्द करा दिया।

10तब राजा आसा ने पूरे यहूदा देश को साथ लिया और रामा के पत्थरों और लकड़ी को, जिन से बासा काम करता था, उठा ले गया, और उन से उसने गेवा, और मिस्पा को दृढ़ किया।

2Chronicles 17 illustration - 2Chronicles Chapter 17

11उस समय हनानी दर्शी यहूदा के राजा आसा के पास जा कर कहने लगा, तू ने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नहीं रखा वरन अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है।

12क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उसने उन को तेरे हाथ में कर दिया।

13देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों में फंसा रहेगा।

14तब आसा दशीं पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वह उसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों को पीसने भी लगा।

15आदि से ले कर अन्त तक आसा के काम यहूदा और इस्राएल के राजाओं के वृत्तान्त में लिखे हैं।

2Chronicles 17 illustration - 2Chronicles Chapter 17

16अपने राज्य के उनतीसवें वर्ष में आसा को पांव का रोग हुआ, और वह रोग अत्यन्त बढ़ गया, तौभी उसने रोगी हो कर यहोवा की नहीं वैद्यों ही की शरण ली।

17निदान आसा अपने राज्य के एकतालीसवें वर्ष में मर के अपने पुरखाओं के साथ सो गया।

18तब उसको उसी की कब्र में जो उसने दाऊदपुर में खुदवा ली थी, मिट्टी दी गई; और वह सुगन्धद्रव्यों और गंधी के काम के भांति भांति के मसालों से भरे हुए एक बिछौने पर लिटा दिया गया, और बहुत सा सुगन्धद्रव्य उसके लिये जलाया गया।

19और उसका पुत्र यहोशापात उसके स्थान पर राज्य करने लगा, और इस्राएल के विरुद्ध अपना बल बढ़ाया।

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