Lumina
1Chronicles

Tribe of Levi

1Chronicles 6·Hindi Bible

1और पूर्व ओर वह उस जंगल के सिवाने तक रहा जो परात महानद तक महुंचाता है, क्योंकि उनके पशु गिलाद देश में बढ़ गए थे।

2और शऊल के दिनों में उन्होंने हग्रियों से युद्ध किया, और हग्री उनके हाथ से मारे गए; तब वे गिलाद की सारी पूरबी अलंग में अपने डेरों में रहने लगे।

3गादी उनके साम्हने सल्का तक बाशान देश में रहते थे।

4अर्थात मुख्य तो योएल और दूसरा शापाम फिर यानै और शापात, ये बाशान में रहते थे।

5और उनके भाई अपने अपने पितरों के घरानों के अनुसार मीकाएल, मशुल्लाम, शेबा, योरै, याकान, जी और एबेर, सात थे।

1Chronicles 6 illustration - 1Chronicles Chapter 6

6ये अबीहैल के पुत्र थे, जो हूरी का पुत्र था, यह योराह का पुत्र, यह गिलाद का पुत्र, यह मिकाएल का पुत्र, यह यशीशै का पुत्र, यह यहदो का पुत्र, यह बूज का पुत्र था।

7इनके पितरों के घरानों का मुख्य पूरुष अब्दीएल का पुत्र, और गूनी का पोता अही था।

8ये लोग बाशान में, गिलाद और उसके गांवों में, और शारोन की सब चराइयों में उसकी परली ओर तक रहते थे।

9इन सभों की वंशावली यहूदा के राजा योनातन के दिनों और इस्राएल के राजा यारोबाम के दिनों में लिखी गई।

10रूबेनियों, गादियों और मनश्शे के आधे गोत्र के योद्धा जो ढाल बान्धने, तलवार चलाने, और धनुष के तीर छोड़ने के योग्य और युद्ध करना सीखे हुए थे, वे चौवालीस हजार सात सौ साठ थे, जो युद्ध में जाने के योग्य थे।

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11इन्होंने हग्रियों और यतूर नापीश और नोदाब से युद्ध किया था।

12उनके विरुद्ध इन को सहायता मिली, और अग्री उन सब समेत जो उनके साथ थे उनके हाथ में कर दिए गए, क्योंकि युद्ध में इन्होंने परमेश्वर की दोहाई दी थी और उसने उनकी बिनती इस कारण सुनी, कि इन्होंने उस पर भरोसा रखा था।

13और इन्होंने उनके पशु हर लिए, अर्थात ऊंट तो पचास हजार, भेड़-बकरी अढ़ाई लाख, गदहे दो हजार, और मनुष्य एक लाख बन्धुए कर के ले गए।

14और बहुत से मरे पड़े थे क्योंकि वह लड़ाई परमेश्वर की ओर से हुई। और ये उनके स्थान में बन्धुआई के समय तक बसे रहे।

15फिर मनश्शे के आधे गोत्र की सन्तान उस देश में बसे, और वे बाशान से ले बाल्हेर्मोन, और सनीर और हेर्मोन पर्वत तक फैल गए।

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16और उनके पितरों के घरानों के मुख्य पुरुष ये थे, अर्थात एपेर, यिशी, एलीएल, अज्रीएल, यिर्मयाह, होदय्याह और यहदीएल, ये बड़े वीर और नामी और अपने पितरों के घरानों के मुख्य पुरुष थे।

17और उन्होंने अपने पितरों के परमेश्वर से विश्वासघात किया, और उस देश के लोग जिन को परमेश्वर ने उनके साम्हने से विनाश किया था, उनके देवताओं के पीछे व्यभिचारिन की नाईं हो लिए।

18इसलिये इस्राएल के परमेश्वर ने अश्शूर के राजा पूल और अश्शूर के राजा तिलगत्पिलनेसेर का मन उभारा, और इन्होंने उन्हें अर्थात रूबेनियों, गादियों और मनश्शे के आधे गोत्र के लोगों को बन्धुआ कर के हलह, हाबोर और हारा और गोजान नदी के पास पहुंचा दिया; और वे आज के दिन तक वहीं रहते हैं।

19लेवी के पुत्र गेर्शोन, कहात और मरारी।

20और कहात के पुत्र, अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल।

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21और अम्राम की सन्तान हारून, मूसा और मरियम, और हारून के पुत्र, नादाब, अबीहू, एलीआज़र और ईतामार।

22एलीआज़र से पीनहास, पीनहास से अबीशू।

23अबीशू से बुक्की, बुक्की से उज्जी।

24उज्जी से जरह्याह, जरह्याह से मरायोत।

25मरायोत से अमर्याह, अमर्याह से अहीतूब।

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26अहीतूब से सादोक, सादोक से अहीमास।

27अहीमास से अजर्याह, अजर्याह से योहानान।

28और योहानान से अजर्याह, उत्पन्न हुआ ( जो सुलैमान के यरूशलेम में बनाए हुए भवन में याजक का काम करता था )

29फिर अजर्याह से अमर्याह, अमर्याह से यहीतूब।

30यहीतूब से सादोक, सादोक से शल्लूम।

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31शल्लूम से हिलकिय्याह, हिलकिय्याह से अजर्याह।

32अजर्याह से सरायाह, और सरायाह से यहोसादाक उत्पन्न हुआ।

33और जब यहोवा, यहूदा और यरूशलेम को नबूकदनेस्सर के द्वारा बन्धुआ कर के ले गया, तब यहोसादाक भी बन्धुआ हो कर गया।

34लेवी के पुत्र गेर्शोम, कहात और मरारी।

35और गेर्शोम के पुत्रों के नाम ये थे, अर्थात लिब्नी और शिमी।

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36और कहात के पुत्र अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल।

37और मरारी के पुत्र महली और मूशी और अपने अपने पितरों के घरानों के अनुसार लेवियों के कुल ये हुए।

38अर्थात, गेर्शोन का पुत्र लिब्नी हुआ, लिब्नी का यहत, यहत का जिम्मा।

39जिम्मा का योआह, योआह का इद्दो, इद्दो का जेरह, और जेरह का पुत्र यातरै हुआ।

40फिर कहात का पुत्र अम्मीनादाब हुआ, अम्मीनादाब का कोरह, कोरह का अस्सीर।

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41अस्सीर का एल्काना, एल्काना का एब्यासाप, एब्यासाप का अस्सीर।

42अस्सीर का तहत, तहत का ऊरीएल, ऊरीएल का उज्जिय्याह और उज्जिय्याह का पुत्र शाऊल हुआ।

43फिर एल्काना के पुत्र अमासै और अहीमोत।

44एल्काना का पुत्र सोपै, सोपै का नहत।

45नहत का एलीआब, एलीआब का यरोहाम, और यरोहाम का पुत्र एल्काना हुआ।

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46और शमूएल के पुत्र, उसका जेठा योएल और दूसरा अबिय्याह हुआ।

47फिर मरारी का पुत्र महली, महली का लिब्नी, लिब्नी का शिमी, शिमी का उज्जा।

48उज्जा का शिमा; शिमा का हग्गिय्याह और हग्गिय्याह का पुत्र असायाह हुआ।

49फिर जिन को दाऊद ने सन्दूक के ठिकाना पाने के बाद यहोवा के भवन में गाने के अधिकारी ठहरा दिया वे ये हैं।

50जब तक सुलैमान यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनवा न चुका, तब तक वे मिलापवाले तम्बू के निवास के साम्हने गाने के द्वारा सेवा करते थे; और इस सेवा में नियम के अनुसार उपस्थित हुआ करते थे।

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51जो अपने अपने पुत्रों समेत उपस्थित हुआ करते थे वे ये हैं, अर्थात कहातियों में से हेमान गवैया जो योएल का पुत्र था, और योएल शमुएल का।

52शमूएल एल्काना का, एल्काना यरोहाम का, यरोहाम एलीएल का, एलीएल तोह का।

53तोह सूप का, सूप एल्काना का, एल्काना महत का, महत अमासै का।

54अमासै एल्काना का, एल्काना योएल का, योएल अजर्याह का, अजर्याह सपन्याह का।

55सपन्याह तहत का, तहत अस्सीर का, अस्सीर एब्यासाप का, एबयासाप कोरह का।

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56कोरह यिसहार का, यिसहार कहात का, कहात लेवी का और लेवी इस्राएल का पुत्र था।

57और उसका भाई असाप जो उसके दाहिने खड़ा हुआ करता था वह बेरेक्याह का पुत्र था, और बेरेक्याह शिमा का।

58शिमा मीकाएल का, मीकाएल बासेयाह का, बासेयाह मल्मिय्याह का।

59मल्किय्याह एत्नी का, एत्नी जेरह का, जेरह अदायाह का।

60अदायाह एतान का, एतान जिम्मा का, जिम्मा शिमी का।

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61शिमी यहत का, यहत गेर्शोम का, गेर्शोम लेवी का पुत्र था।

62और बाईं ओर उनके भाई मरारी खड़े होते थे, अर्थात एताव जो कीशी का पुत्र था, और कीशी अब्दी का, अब्दी मल्लूक का।

63मल्लूक हशब्याह का, हशब्याह अमस्याह का, अमस्याह हिलकिय्याह का।

64हिलकिय्याह अमसी का, अमसी बानी का, बानी शेमेर का।

65शेमेर महली का, महली मूशी का, मूशी मरारी का, और मरारी लेवी का पुत्र था।

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66और इनके भाई जो लेवीय थे वह परमेश्वर के भवन के निवास की सब प्रकार की सेवा के लिये अर्पण किए हुए थे।

67परन्तु हारून और उसके पुत्र होमबलि की वेदी, और धूप की वेदी दोनों पर बलिदान चढ़ाते, और परम पवित्रस्थान का सब काम करते, और इस्राएलियों के लिये प्रायश्चित करते थे, जैसे कि परमेश्वर के दास मूसा ने आज्ञाएं दी थीं।

68और हारून के वंश में ये हुए, अर्थात उसका पुत्र एलीआजर हुआ, और एलीआजर का पीनहास, पीनहास का अबीशू।

69अबीशू का बुक्की, बुक्की का उज्जी, उज्जी का जरह्याह।

70जरह्याह का मरायोत, मरायोत का अमर्याह, अमर्याह का अहीतूब।

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71अहीतूब का सादोक और सादोक का अहीमास पुत्र हुआ।

72और उनके भागों में उनकी छावनियों के अनुसार उनकी बस्तियां ये हैं, अर्थात कहात के कुलों में से पहिली चिट्ठी जो हारून की सन्तान के नाम पर निकली।

73अर्थात चारों ओर की चराइयों समेत यहूदा देश का हेब्रोन उन्हें मिला।

74परन्तु उस नगर के खेत और गांव यपुन्ने के पुत्र कालेब को दिए गए।

75और हारून की सन्तान को शरणनगर हेब्रोन, और चराइयों समेत लिब्ना,

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76और यत्तीर और अपनी अपनी चराइयों समेत एशतमो। हीलेन, दबीर।

77आशान और बेतशेमेश।

78और बिन्यामीन के गोत्र में से अपनी अपनी चराइयों समेत गेबा, अल्लेमेत और अनातोत दिए गए। उनके घरानों के सब नगर तेरह थे।

79और शेष कहातियों के गोत्र के कुल, अर्थात मनश्शे के आधे गोत्र में से चिट्ठी डाल कर दस नगर दिए गए।

80और गेर्शोमियों के कुलों के अनुसार उन्हें इस्साकार, आशेर और नप्ताली के गोत्र, और बाशान में रहने वाले मनश्शे के गोत्र में से तेरह नगर मिले।

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81मरारियों के कुलों के अनुसार उन्हें रूबेन, गाद और जबूलून के गोत्रें में से चिट्ठी डाल कर बारह नगर दिए गए।

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