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1Chronicles

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1Chronicles 12·Hindi Bible

1महरै नतोपाई, एक और नतोपाई बाना का पुत्र हेलेद।

2बिन्यामीनियों के गिबा नगरवासी रीबै का पुत्र इतै, पिरातोनी बनायाह।

3गाश के नालों के पास रहने वाला हूरै, अराबावासी अबीएल।

4बहूरीमी अजमावेत, शल्बोनी एल्यहबा।

5गीजोई हाशेम के पुत्र, फिर हरारी शागे का पुत्र योनातान।

1Chronicles 12 illustration - 1Chronicles Chapter 12

6हरारी सकार का पुत्र अहीआम, ऊर का पुत्र एलीपाल।

7मकेराई हेपेर, पलोनी अहिय्याह।

8कर्मेली हेस्रो, एज्बै का पुत्र नारै।

9नातान का भाई योएल, हग्री का पुत्र मिभार।

10अम्मोनी सेलेक, बेरोती नहरै जो सरूयाह के पुत्र योआब का हथियार ढोने वाला था।

1Chronicles 12 illustration - 1Chronicles Chapter 12

11येतेरी ईरा और गारेब।

12हित्ती ऊरिय्याह, अहलै का पुत्र जाबाद।

13तीस पुरुषों समेत रूबेनी शीजा का पुत्र अदीना जो रूबेनियों का मुखिया था।

14माका का पुत्र हानान, मेतेनी योशापात।

15अशतारोती उज्जिय्याह, अरोएरी होताम के पुत्र शामा और यीएल।

1Chronicles 12 illustration - 1Chronicles Chapter 12

16शिम्री का पुत्र यदीएल और उसका भाई तीसी, योहा।

17महवीमी एलीएल, एलनाम के पुत्र यरीबै और योशय्याह,

18मोआबी यित्मा, एलीएल, ओबेद और मसोबाई यासीएल।

19जब दाऊद सिकलग में कीश के पुत्र शाऊल के डर के मारे छिपा रहता था, तब ये उसके पास वहां आए, और ये उन वीरोंमें से थे जो युद्ध में उसके सहायक थे।

20ये धनुर्धारी थे, जो दाहिने-बायें, दोनों हाथों से गोफन के पत्थर और धनुष के तीर चला सकते थे; और ये शाऊल के भाइयों में से बिन्यामीनी थे।

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21मुख्य तो अहीएजेर और दूसरा योआश था जो गिबावासी शमाआ का पुत्र था; फिर अजमावेत के पुत्र यजीएल और पेलेत, फिर बराका और अनातोती येहू।

22और गिबोनी यिशमायाह जो तीसों में से एक वीर और उनके ऊपर भी था; फिर यिर्मयाह, यहजीएल, योहानान, गदेरावासी योजाबाद।

23एलूजै, यरीमोत, बाल्याह, शमर्याह, हारूपी शपत्याह।

24एल्काना, यिशिय्याह, अजरेल, योएजेर, याशोबाम, जो सब कोरहवंशी थे।

25और गदोरवासी यरोहाम के पुत्र योएला और जबद्याह।

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26फिर जब दाऊद जंगल के गढ़ में रहता था, तब ये गादी जो शूरवीर थे, और युद्ध विद्या सीखे हुए और ढाल और भाला काम में लाने वाले थे, और उनके मुह सिंह के से और वे पहाड़ी मृग के समान वेग से दौड़ने वाले थे, ये और गादियों से अलग हो कर उसके पास आए।

27अर्थात मुख्य तो एजेर, दूसरा ओबद्याह, तीसरा एलीआब।

28चौथा मिश्मन्ना, पांचवां यिर्मयाह।

29छठा अत्तै, सातवां एलीएल।

30आठवां योहानान, नौवां एलजाबाद।

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31दसवां यिर्मयाह और ग्यारहवां मकबन्नै था।

32ये गादी मुख्य योद्धा थे, उन में से जो सब से छोटा था वह तो एक सौ के ऊपर, और जो सब से बड़ा था, वह हजार के ऊपर था।

33ये ही वे हैं, जो पहिले महीने में जब यरदन नदी सब कड़ाड़ों के ऊपर ऊपर बहती थी, तब उसके पार उतरे; और पूर्व और पश्चिम दानों ओर के सब तराई के रहने वालों को भगा दिया।

34और कई एक बिन्यामीनी और यहूदी भी दाऊद के पास गढ़ में आए।

35उन से मिलने को दाऊद निकला और उन से कहा, यदि तुम मेरे पास मित्रभाव से मेरी सहायता करने को आए हो, तब तो मेरा मन तुम से लगा रहेगा; परन्तु जो तुम मुझे धोखा देकर मेरे शत्रुओं के हाथ पकड़वाने आए हो, तो हमारे पितरों का परमेश्वर इस पर दृष्टि कर के डांटे, क्योंकि मेरे हाथ से कोई उपद्रव नहीं हुआ।

1Chronicles 12 illustration - 1Chronicles Chapter 12

36अब आत्मा अमासै में समाया, जो तीसों वीरों में मुख्य था, और उसने कहा, हे दाऊद! हम तेरे हैं; हे यिशै के पुत्र! हम तेरी ओर के हैं, तेरा कुशल ही कुशल हो और तेरे सहायकों का कुशल हो, क्योंकि तेरा परमेश्वर तेरी सहायता किया करता है। इसलिये दाऊद ने उन को रख लिया, और अपने दल के मुखिये ठहरा दिए।

37फिर कुछ मनश्शेई भी उस समय दाऊद के पास भाग गए, जब वह पलिश्तियों के साथ हो कर शाऊल से लड़ने को गया, परन्तु उसकी कुछ सहायता न की, क्योंकि पलिश्तियों के सरदारों ने सम्मति लेने पर यह कह कर उसे बिदा किया, कि वह हमारे सिर कटवा कर अपने स्वामी शाऊल से फिर मिल जाएगा।

38जब वह सिक्लग को जा रहा था, तब ये मनश्शेई उसके पास भाग गए; अर्थात अदना, योजाबाद, यदीएल, मीकाएल, योजाबाद, एलीहू और सिल्लतै जो मनश्शे के हजारों के मुखिये थे।

39इन्होंने लुटेरों के दल के विरुद्ध दाऊद की सहायता की, क्योंकि ये सब शूरवीर थे, और सेना के प्रधान भी बन गए।

40वरन प्रतिदिन लोग दाऊद की सहायता करने को उसके पास आते रहे, यहां तक कि परमेश्वर की सेना के समान एक बड़ी सेना बन गई।

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